अयोध्या मामले में मध्यस्थता की कोशिश के बीच आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर जी ने शुक्रवार को लखनऊ पहुंचकर ऐशबाग ईदगाह में मौलाना फिरंगी महली से मुलाकात की। मुलाकात के बाद श्री श्रीरवि शंकर जी ने सौहार्द और प्रेम बनाए रखते हुए बातचीत के जरिये समस्या का हल निकालने पर जोर दिया। श्री श्री जी ने कहा कि दिल से लिए गए फैसले सदियों तक रहेंगे, इसलिए बातचीत के जरिये किसी भी मुद्दे का हल निकाला जा सकता है। इस बीच खबर है कि श्री श्री अयोध्या दौरे के बाद आरएसएस चीफ मोहन भागवत से भी

आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर और शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने अयोध्या विवाद को अदालत के बाहर सुलझाने के लिए मंगलवार को बेंगलुरु में मुलाकात की. मुलाकात के बाद वसीम रिजवी ने कहा कि विवादित भूमि पर ही मंदिर बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत आगे बढ़ चुकी है और 2018 में मंदिर कर निर्माण शुरू हो जाएगा. रिजवी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि राम मंदिर अयोध्या में राम जन्मभूमि पर ही बनना चाहिए. उन्होंने कहा कि कोर्ट में इस मामले में शिया वक्फ बोर्ड भी पार्टी है क्योंकि बाबरी

हिमाचल प्रदेश के सुजानपुर में योग दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर जी भी शामिल हुए. [caption id="attachment_33760" align="alignnone" width="476"] श्री श्री रविशंकर जी[/caption]   [caption id="attachment_33762" align="alignnone" width="469"] योग दिवस के मौके पर योग करते स्कूली बच्चे[/caption] कार्यक्रम में स्कूली छात्र छात्राओं समेत कई लोगों ने श्री श्री रविशंकर जी के साथ योग किया.हिमाचल के पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल, बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर और स्मृति ईरानी भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए. [caption id="attachment_33763" align="alignnone" width="485"] योग करते सासंद अनुराग ठाकुर[/caption]