सतलुज-यमुना लिंक नहर एक ऐसा विवाद है जिसकी लपटों में पंजाब और हरियाणा की जनता बरसों से है.  हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने एसवाईएल (सतलुज यमुना लिंक नहर) पर फैसला हरियाणा के हक में सुनाया है. लेकिन ये मामला केंद्रीय सरकार की दहलीज पर है. क्योंकि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में साफ कहा है कि एसवाईएल का मसले को कोर्ट के बाहर निपटा लिया जाएगा. फिलहाल मामले को निपटाने का जिम्मा केंद्रीय जल-संसाधन मंत्री नितिन गडकरी के हाथों में है. लेकिन नितिन गडकरी खुद ही मान रहे है कि हरियाणा-पंजाब के बीच एसवाईएल का मुद्दा निपटाना कठिन है. गडकरी ने ये भी कहा कि

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को सतलुज-यमुना संपर्क नहर (एसवाईएल) के मुद्दे के निपटारे के लिए दो महीने का समय देने के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत किया. उन्होंने केंद्र सरकार से इस मुद्दे के शुरुआती प्रस्ताव के लिए हरियाणा के साथ वार्ता की सुविधा देने का आग्रह किया. वार्ता के जरिए समस्या के हल होने की बात को दोहराते हुए अमरिंदर ने कहा कि पंजाब इससे किसी को वंचित नहीं करना चाहता है. राज्य में पानी की गंभीर कमी ने हमें इस महत्वपूर्ण संसाधन को बांटने से रोकने पर मजबूर किया है. उन्होंने कहा कि राज्य भूजल के

सुप्रीम कोर्ट में एसवाईएल के मुद्दे पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने कहा कि एसवाईएल पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला लागू होना चाहिए। कोर्ट ने पंजाब से पूछा कि आखिर पंजाब ने एसवाईएल नहर का निर्माण क्यों नहीं किया। वहीं केंद्र सरकार ने कोर्ट में कहा कि हरियाणा और पंजाब आपस में मिलकर इस मसले को सुलक्षा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दोनों सरकारें ये सुनिश्चित करें कि मामले में कोर्ट का फैसला आने तक एसवाईएल को लेकर कोई प्रदर्शन ना हो। इस मामले की अगली सुनवाई सात सितंबर को होगी।

इंडियन नेशनल लोकदल ने 10 जुलाई को पंजाब के वाहनों को हरियाणा से होकर नहीं गुजरने देने का ऐलान करने के चलते पूरे दिन माहौल गर्म रहने की आशंका है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरियाणा के पुलिस अफसरों की पंजाब के पुलिस अधिकारियों के साथ दो दिन लगातार बैठकें हुई हैं। इस बीच दोनों राज्यों के बॉर्डर पर पंजाब पुलिस की 30 टुकड़ियां और अर्धसैनिक बलों की चार कंपनियां तैनात कर दी गई हैं। गौरतलब है कि पंजाब हरियाणा की सीमाएं पांच जगह लगती हैं। इनेलो पार्टी का कहना है कि इनमें से किसी भी रास्ते से पंजाब के

पटियाला, अंबाला और करनाल में आंदोलन को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क नजर आ रहा है। जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया है। लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और ट्रैफिक सुचारू रूप से चलता रहे, इसके लिए कई जगह रूट डायवर्ट कर दिए गए है। पुलिस बल की तरफ से पैट्रोलिंग की जा रही है। खुद आला अधिकारियों ने  मौके पर जाकर इंतजामों का जायजा लिया। वहीं पंजाब सरकार ने भी एहतियात के तौर पर दस जुलाई को प्रदेश की अंतरराज्यीय बसों को हरियाणा में नहीं भेजने का फैसला किया है।

SYL के मुद्दे पर दस जुलाई को पंजाब के वाहनों को हरियाणा में न घुसने देने पर अड़े इनेलो से निपटने के लिए हरियाणा व पंजाब ने साझा रणनीति बनाई है। दोनों राज्यों के गृह सचिवों और पुलिस महानिदेशकों की संयुक्त बैठक में प्रदर्शन के दौरान आमजन को दिक्कतों से बचाने और काूनन व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए। इस बीच, हरियाणा सरकार ने आंदोलन से निपटने के लिए केंद्र सरकार से केंद्रीय बलों की दस टुकड़ियां मांगी हैं। हालांकि अभी इनेलो ने यह साफ नहीं किया है कि वह अंबाला में वाहनों को रोकेंगे या

SYL के मुद्दे पर इनेलो द्वारा पंजाब की बसें रोकने की स्थिति में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरियाणा और पंजाब की सरकारें सक्रिय हो गई हैं। शुक्रवार को दोनों राज्यों के मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक बैठक कर प्रदर्शन से निपटने की रणनीति बनाएंगे। इनेलो ने हरियाणा के हिस्से का पानी नहीं देने के विरोध में 10 जुलाई को पंजाब की ओर से आने वाले वाहनों को अंबाला में रोकने की चेतावनी दे रखी है। इससे पहले भी इनेलो इस मुद्दे पर पंजाब के वाहनों को रोक चुका है, लेकिन तब यह सांकेतिक था। इस बार एंबुलेंस

कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी ने इनेलो और बीजेपी पर एसवाईएल के मुद्दे पर भी राजनीति करने का आरोप लगाते। उन्होंने कहा कि, बीजेपी हमेशा लोगों को जाति और धर्म के नाम पर बांट कर वोट लेती है।जीएसटी पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि ईमानदारी से काम करने वालों को ढोल पिटने की जरूरत नहीं होती। उन्होंने कहा कि जीएसटी को लागू करने से पहले केंद्र सरकार को इसका सरलीकरण करना चाहिए था।

इनेलो नेता अभय चौटाला ने एसवाईएल, जीएसटी और किसानों के मुद्दे पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जीएसटी किसानों के लिए सबसे बड़ी मार साबित होगी। उन्होंने एसवाईएल को लेकर भी 50 साल का लेखा जोखा मडिया के सामने पेश किया। उन्होंने कहा कि एसवाईएल नहर में पानी लाने के लिए इनेलो के नेता और कार्यकर्ता दस जुलाई को शंभू बॉर्डर पर धरना देंगे, साथ ही पंजाब से आने वाले वाहनों का रास्ता रोका जाएगा।

भिवानी इनेलो ने एक बार फिर एसवाईएल के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की है. इनेलो ने इस मुद्दे का कोई हल निकालने के लिए केन्द्र सरकार को 9 जुलाई तक का अल्टीमेटम दिया है. इनेलो नेता अभय चौटाला ने कहा कि अगर 9 जुलाई तक हरियाणा को अपने हक का पानी नहीं मिलता तो 10 जुलाई को अंबाला में दिल्ली जाने वाले पंजाब के वाहनों को एक दिन के लिए सांकेतिक तौर पर रोका जाएगा. वहीं, अभय चौटाला ने पूर्व सीएम भूपेन्द्र हुड्डा को भी निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि हुड्डा किसानों के लिए नहीं बल्कि अपना कद बढ़ाने