चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू खांग ने 2 नवंबर को घोषणा की कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग के निमंत्रण पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 8 से 10 नवंबर के बीच चीन की राजकीय यात्रा करेंगे। यात्रा के दौरान दोनों नेता चीन-अमेरिका संबंध और समान रुचि वाले महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर गहराई से रायों का आदान-प्रदान करेंगे। चीन अमेरिका के साथ राष्ट्रपति ट्रंप की यात्रा और शिखर बैठक में बड़ी उपलब्धि पाने के लिए समान कोशिश करेंगे ताकि द्विपक्षीय संबंधों के विकास को नए शिखर तक पहुंचाया।

पाकिस्तान पोषित आतंकवाद के खिलाफ भारत की मुहिम का अमेरिका पर बड़ा असर नजर आ रहा है. आतंकवाद पर पाकिस्तान की कड़ी आलोचना कर चुके अमेरिका ने अब उस पर नजर रखने के लिए भारत से मदद का आह्वान किया है. संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत निक्की हेली ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान द्वारा आतंकवादियों को समर्थन दिए जाने पर कड़ा रुख अपनाया है. इसलिए पाकिस्तान पर नजर रखने में भारत उनकी मदद कर सकता है. अफगानिस्तान और दक्षिण एशिया में आतंकवाद से लड़ने के लिए अमेरिकी की नई रणनीति का जिक्र करते हुए हेली ने कहा

ईरानी परमाणु समझौते में बना रहना अमेरिका के हित में हैं ये कहना है अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन का. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप भी उनकी इस बात से सहमत हैं. वाइट हाउस से शुक्रवार को दिए गए एक तल्ख भाषण में ट्रंप ने ईरान को मतांध शासन बताते हुए कहा था कि इस देश ने परमाणु समझौते का उल्लंघन किया है. ट्रंप ने घोषणा की थी कि वह कांग्रेस में इस समझौते को प्रमाणपत्र देना जारी नहीं रखेंगे लेकिन उन्होंने उससे अमेरिका के तत्काल हटने से इनकार किया और इसे कांग्रेस के ऊपर छोड़ दिया. हालांकि ट्रंप

वाशिंगटन विवादों के घेरे में रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन के रिश्तों को लेकर नई जानकारी प्रकाश में आई है। जर्मनी में सात जुलाई को जी 20 देशों के सम्मेलन के दौरान हुई द्विपक्षीय बैठक से पहले भी दोनों नेता एक बार अघोषित मुलाकात कर चुके थे। यह मुलाकात राष्ट्राध्यक्षों के डिनर के बाद हुई थी। व्हाइट हाउस ने इस अघोषित मुलाकात की पुष्टि की है। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूसी हस्तक्षेप को लेकर पहले से ही विवाद है। इसको लेकर अमेरिका में एक उच्चस्तरीय जांच भी चल रही है। कहा जाता है कि चुनाव में

हरियाणा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाम पर एक गांव के नामकरण को एक फर्जी और अवैध आयोजन घोषित कर दिया है. इसके साथ ही गुरुग्राम से 46 किलोमीटर दूर स्थित मरोरा गांव में ट्रंप की तस्वीर वाले बैनर उतार लिए गए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा से ठीक पहले बीते शुक्रवार को इस गांव का नामकरण ट्रंप के नाम पर किया गया था. एक गैर सरकारी संगठन सुलभ ने एक कार्यक्रम का आयोजन कर मरोरा गांव का नाम 'ट्रंप सुलभ गांव' रख दिया था. अधिकारियों ने गांव में लगी ट्रंप की तस्वीरों वाले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ट्रंप को कई तोहफे भेंट किए। मोदी ने ट्रंप को पंजाब के होशियारपुर का बना हुआ वुडन चेस्टर भी भेंट किया। इसके अलावा उन्होंने फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप को तोहफे में हिमाचल प्रदेश का मशहूर हाथ से बना हुआ चांदी का ब्रेसलेट, कांगड़ा की चाय और शहद दिया। साथ ही उन्होंने जम्मू-कश्मीर और हिमाचल की बनी हुई शॉल भी भेंट की। https://twitter.com/PMOIndia/status/879471708876398592   https://twitter.com/PMOIndia/status/879471969854308352

वॉशिंगटन गायिका और कभी फ्रांस की प्रथम महिला रही कार्ला ब्रूनी ने एक बार फिर स्पष्टीकरण दिया है कि अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ वह कभी रिश्ते में नहीं रहीं. वर्ष 1991 में 49 वर्षीय गायिका और अभिनेत्री उस वक्त अखबारों की सुर्खियों में आई थीं, जब कार्ला पर मार्ला मेपल्स के साथ ट्रंप की दूसरी शादी तोड़ने का इल्जाम लगा था. कार्ला, ट्रंप के साथ अपने संबंधों को हमेशा खारिज करती रही हैं लेकिन ट्रंप ने मीडिया में इस कहानी की पुष्टि की थी. कार्ला ने 'डेली बीस्ट' को बताया, 'दरअसल पूरा मामला ही बहुत अस्पष्ट है और इसका कोई

अमेरिका के एक प्रमुख थिंक टैंक संस्था ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा संदेश जारी किया है. सीएसआईएस ने कहा है कि अमेरिका को पाकिस्तान को ये साफ कर देना चाहिए कि अगर वो तालिबान का समर्थन जारी रखता है तो उसे कोई आर्थिक मदद नहीं दी जाएगी. सीएसआईएस का मानना है कि पाकिस्तान तालिबान और हक्कानी नेटवर्क के लिए अब भी पनाहगाह बना हुआ है. और वह सहयोगी देश होने की बजाय खतरा अधिक है. थिंक टैंक ने इस बात पर जोर दिया कि ट्रंप प्रशासन को इस्लामाबाद को यह साफ करना चाहिए कि अगर वो तालिबान और हक्कानी नेटवर्क को समर्थन

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सेलफोन नंबर को विश्व के नेताओं को सौंप दिया है और उन्हें सीधे उनसे फोन करने का आग्रह किया है. ट्रंप का यह आमंत्रण राजनयिक प्रोटोकॉल को तोड़ता है. इससे अमेरिकी कमांडर की सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. ट्रम्प ने कनाडा और मैक्सिको के नेताओं से अपने सेलफोन पर बात करने के लिए कहा है. वे कभी भी ट्रंप के साथ बात कर सकते हैं. इस मामले से पूर्व और वर्तमान में जुड़े अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, दोनों में से केवल कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने अब तक इस

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हाल ही में सऊदी अरब के दौरे पर थे, इस दौरान इस्लामिक समिट के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ भी वहां रहे. लेकिन कार्यक्रम के दौरान हुई नवाज शरीफ की अनदेखी से उनके देश पाकिस्तान में इसे 'बेइज्जती' करार दिया जा रहा है, और शरीफ की काफी आलोचना भी हो रही है. पाकिस्तान की स्थानीय मीडिया में कहा जा रहा है, कि इस्लामिक समिट के दौरान नवाज शरीफ अलग-थलग पड़ गये, आतंकवाद के मुद्दे पर उन्हें अपनी राय नहीं रखने दी गई. स्पीच पर की थी ढाई घंटे की मेहनत दरअसल, इस्लामिक स्टेट समिट के दौरान अमेरिकी