लंदन। शराब कारोबारी विजय माल्या को लंदन में गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन इसके साथ ही उसे मामले में जमानत भी मिल गई। माल्या की गिरफ्तारी मनी लॉन्ड्रिंग केस में हुई थी और सीबीआई के सूत्रों ने इसकी पष्टि की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लंदन में विजय माल्या को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जमानत भी मिल गई। गौरतलब है कि विजय माल्या पर भारतीय बैंकों का 9 हजार करोड़ का कर्ज बकाया है। वह बिना कर्ज चुकाए लंदन फरार हो गया था। बताया जा रहा है कि ईडी की अपील पर माल्या को गिरफ्तार किया गया है। रिपोर्ट्स के

बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर भारत और पाकिस्तान के बीच चैंपियंस ट्रॉफी का मैच देखने यूं तो हजारों लोग जुटे लेकिन दर्शक दीर्घा में बैठा एक शख्स ऐसा भी था, जिसका वहां होना एक तरह से भारतीय एजेंसियों को मुंह चिड़ाने जैसा था. ये शख्स कोई और नहीं बल्कि बैंकों का हजारों करोड़ बकाया लेकर चंपत हुए यूबी ग्रुप के पूर्व चेयरमैन विजय माल्या थे. इसके अलावा विजय माल्या की एक तस्वीर पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर के साथ सामने आई है. जिसमें दोनों बातचीत करते नजर आ रहे हैं. गौरतलब है कि विजय माल्या के खिलाफ भारत में प्रवर्तन निदेशालय की

विजय माल्या के खिलाफ भारतीय जांच एजेंसियां ब्रिटेन की क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (CPS) के साथ मिलकर मजबूत केस बनाने की कोशिश में जुटी हैं। फिलहाल, माल्या को भारत को सौंपने के मामले में लंदन के वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में सुनवाई 13 जून तक के लिए टाल दी गई है। सुनवाई पहले 17 मई को होने वाली थी। इस मामले में सीपीएस इंडियन अथॉरिटीज की तरफ से बहस करेगी। बता दें कि माल्या पर 17 भारतीय बैंकों का 9 हजार करोड़ से ज्यादा का बकाया है। भारत में कोर्ट उन्हें भगोड़ा करार दे चुकी है। वे पिछले साल 2 मार्च से

बैंकों से लोन को लेकर डिफाल्टर हुए किंगफिशर एयरलाइंस के मालिक विजय माल्या को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने माल्या को अवमानना का दोषी माना है. कोर्ट ने कहा- उन्होंने संपत्ति का पूरा ब्योरा नहीं दिया. 10 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है. 10 जुलाई को सजा पर सुनवाई होगी. 9 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने विजय माल्या के खिलाफ अदालत की अवमानना और डिएगो डील से माल्या को मिले 40 मिलियन यूएस डॉलर पर अपना आदेश सुरक्षित रखा था. बैंकों ने मांग की है कि 40 मिलियन यूएस डॉलर जो डिएगो

दिल्ली बिजनेसमैन विजय माल्या पर शिकंजा कसने के लिए जांच एजेंसियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई का चार सदस्ययी दल प्रत्यर्पण की कोशिशें तेज करने के लिए मंगलवार को लंदन पहुंच गया है. विजय माल्या पर भारतीय बैंकों का 9000 करोड़ रुपये का लोन बकाया है. दोनों ही एजेंसियां अलग-अलग मामलों में विजय माल्या की जांच कर रही हैं. 18 अप्रैल को स्कॉटलैंड यार्ड ने विजय माल्या को तीन घंटे तक गिरफ्तार करके रखा था. इस दौरान उनसे पूछताछ की गई और फिर छोड़ दिया गया. फिलहाल वह अपने लंदन वाले घर में हैं. 61 साल

बीते लगभग 13 महीने से फरार चल रहे चर्चित शराब कारोबारी विजय माल्या को मंगलवार को लंदन में गिरफ्तार कर लिया गया।  बता दें कि माल्या को भारत के कई बैंकों का करीब 9 हजार करोड़ रुपए कर्ज चुकाना है। लेकिन वो, पिछले साल मार्च में देश छोड़कर लंदन चले गए थे। भारत सरकार ने ब्रिटिश से माल्या के प्रत्यर्पण  की मांग की है। प्रत्यर्पण के लिए ईडी, 1992 में भारत और ब्रिटेन के बीच हुई म्युचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रीटी (MLAT) को टूल के तौर पर इस्तेमाल कर रही है। जांच एजेंसी माल्या के खिलाफ मुंबई कोर्ट से जारी हुए गैर-जमानती