अचानक तापमान में गिरावट के कारण समूचा प्रदेश शीतलहर की चपेट में आ गया है। यहां सामान्य तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। न्यूनतम व अधिकतम तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति, कल्पा, किन्नौर, पांगी, भरमौर आदि कई क्षेत्रों का तापमान जमाव बिंदु के आसपास पहुंच चुका है। जनजातीय क्षेत्रों में पानी जमना शुरू हो गया है और लोगों को पेयजल संकट सताने लगा है। केलंग का पारा माइनस 1.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में गिरने जाने वाले जिला ऊना में भी न्यूनतम तापमान

दिल्ली-एनसीआर में सोमवार शाम से ही जहरीला स्मॉग छाया हुआ है। जहां सोमवार की शाम को स्मॉग की वजह से विजिबिलिटी घटकर 500 मीटर तक पहुंच गई थी, वहीं मंगलवार सुबह हालात और बदतर हो गए। स्मॉग के चलते दिल्ली के कई इलाकों में विजिबिलिटी 100 मीटर से भी कम रही। मौसम विभाग का कहना है कि जहरीले स्मॉग का कहर तीन से पांच दिनों तक ऐसा ही बना रहेगा। मंगलवार सुबह लोगों ने पाया कि दिल्ली-एनसीआर स्मॉग की चादर लपेटे हुए है। उधर, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने दिल्ली में हेल्थ एमरजेंसी घोषित किया है। IMA अध्यक्ष डॉक्टर केके अग्रवाल

हिमाचल प्रदेश में मौसम की अनिश्चितता बरकरार है। पिछले 24 घंटे के दौरान शिमला व धर्मशाला में बारिश दर्ज की गई जबकि मैदानी जिलों में गर्मी का सामना लोगों को करना पड़ा। शिमला के ऊपरी क्षेत्रों में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा है। धौलाधार और रोहतांग की चोटियों पर हल्का हिमपात दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे के दौरान कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश दर्ज की गई है। सबसे अधिक बारिश कुमारसैन में 37 मिलीमीटर बारिश हुई। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि से मटर व फ्रांसबीन की फसल तबाह हो गई है। बारिश, ओलावृष्टि से ऊपरी क्षेत्रों में तापमान में भी