दिग्गज पहलवान सुशील कुमार ने शुक्रवार को राष्ट्रीय कुश्ती चैपियनशिप के पुरुषों के 74 किलोग्राम फ्रीस्टाइल प्रतियोगिता में क्वार्टर फाइनल में क्वार्टरफाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले खेले बिना ही स्वर्ण पदक अपने नाम किया. सुशील कुमार ने अपने जाने पहचाने अंदाज में आगाज़ कर के शुरूआती दो दौर में अपने कॉम्पटीटर्स को मात दे दी. जिसके बाद उन्हें क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल में कोई भी चुनौती नहीं मिली. तीनों मुकाबलों में उन्हें वॉकओवर मिला. इस प्रतियोगिता में उन्हें महज 1 मिनट 33 सेकंड की कुश्ती लड़नी पड़ी.  

ज्ञानेंद्र मंगलवार को विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के कांस्य पदक प्लेऑफ मुकाबले में जगह बनाने से चूक गए। ग्रीको रोमन में भारतीय पहलवानों की झोली खाली रही। ज्ञानेंद्र को 59 किग्रा वर्ग में रेपचेज में भाग लेने का मौका मिला था, लेकिन वह इसके दूसरे दौर में हारकर कांस्य पदक की होड़ से बाहर हो गए। उन्होंने रेपचेज के पहले दौर में इजिप्ट के मुस्तफा हसन मुहम्मद को 3-1 से हराया, लेकिन दूसरे दौर में उक्रेन के दिमित्रो सिंबालुक से नजदीकी मुकाबले में हार गए। इससे पहले, ज्ञानेंद्र ने चीन के लिबिन डिंग को 4-1 से हराकर प्रीक्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी,

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने गुरुवार को पहलवान साक्षी मलिक, जिमनास्ट दीपा कर्मकार, रियो पैरालम्पिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले मारियप्पन थान्गावेलु और डिस्कस थ्रोवर विकास गौड़ा को राष्ट्रपति भवन में आयोजित सम्मान समारोह में पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। साक्षी, दीपा, मारियप्पन और विकास गौड़ा के अलावा अन्य क्षेत्रों में अपना विशेष योगदान देने के लिए देश की कुछ मशहूर हस्तियों को यह सम्मान प्रदान किया गया। सदगुरु जग्गी वासुदेव और पंडित विश्व मोहन भट्ट को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। बता दें कि इस बार 26 जनवरी के मौके पर 7 हस्तियों को पद्म विभूषण, 7 को पद्म भूषण