लखनऊ उत्तर प्रदेश कैबिनेट की मंगलवार को हुई बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक बनने के लिए अब टीईटी के बाद लिखित परीक्षा भी अनिवार्य कर दिया गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में फैसले लिया गया कि टीईटी पास अभ्यर्थियों की अब सीधे भर्ती नहीं होगी, बल्कि उन्हें लिखित परीक्षा से भी गुजरना होगा. मेरिट बनाते समय लिखित परीक्षा के अंक भी जोड़े जाएंगे. कैबिनेट की बैठक के बाद सरकार के प्रवक्ता और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि योगी सरकार प्राथमिक स्कूलों में बच्चों को बेहतर शिक्षा देने

उत्तर प्रदेश सरकार ने सूबे के सभी मदरसों के लिए नया आदेश जारी किया है. आदेश के मुताबिक सभी मदरसों को हिंदी में मदरसों का नाम, खुलने और बंद होने का वक्त समेत तमाम जानकारियां लिखनी होंगी. सरकार के मंत्री बलदेव सिंह ओलख ने बताया कि ये आदेश इसलिए दिया गया ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग जान सकें कि आखिरकार इस मदरसे का नाम क्या है. साथ ही ये भी लोग जान सकें कि यहां किस तरह की पढ़ाई होती है. मदरसों के खुलने और बंद होने का वक्त भी अब बोर्ड पर लिखना होगा. सरकार के इस फरमान को मदरसा संचालकों

उत्‍तर प्रदेश की योगी सरकार राज्‍य में चल रहे मदरसों को लेकर नए- नए कदम उठा रही है. 15 अगस्‍त के मौके पर राज्‍य सरकार ने प्रदेश में संचालित होने वाले सभी मदरसों को तिरंगा फहराने का आदेश दिया था. साथ ही स्‍वतंत्रता दिवस के पूरे कार्यक्रम की वीडियोग्राफी करने का भी आदेश दिया था. सरकार के इस कदम का मुसलिम संगठनों की तरफ से विरोध भी किया गया था. मुसलिम संगठनों ने कहा था इस आदेश को जारी करने से ऐसा लगता है कि सरकार हम पर शक कर रही है. इसके बाद गुरुवार को योगी सरकार की तरफ