रेलवे का अजीब कारनामा, यात्री को दिया 1000 साल बाद का टिकट

0
140
views

रेलवे जो अपनी लेट लतीफी के लिए ज्यादा जाना जाता है, लेकिन इस बार तो रेलवे ने एक अरीब कारनामा कर दिया, आम तौर पर रेलवे में चार महीने बाद का टिकट लिया जा सकता है,

क्या है पूरा मामला 

  • उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक यात्री को 1000 साल बाद का टिकट थमा दिया गया
  • सहारनपुर में रेलवे ने रिजर्वेशन काउंटर से एक यात्री को एक हजार साल आगे का टिकट दे दिया.
  • इतना ही नहीं, चेकिंग के दौरान फर्जी टिकट बताते हुए उसे TTE ने बीच रास्ते में ही ट्रेन से उतार दिया.
  • मामला सहारनपुर के प्रद्मुम्न नगर निवासी रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. विष्णुकांत शुक्ला का है.
  • उन्हें नवंबर 2013 में किसी काम से जौनपुर जाना था.
  • विष्णु कांत शुक्ला ने नवंबर 2013 में रिजर्वेशन काउंटर से हिमगिरी एक्सप्रेस का एसी थ्री टियर का टिकट बुक कराया था,
  • लेकिन लक्सर में चेकिंग के दौरान स्टाफ ने उनके टिकट पर 19 नवंबर 3013 देखकर उसे फर्जी करार दिया.
  • फर्जी टिकट के कारण स्टाफ ने मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर प्रोफेसर को नीचे उतार दिया.
  • उन्होंने इसकी शिकायत रेलवे में की
  • लेकिन उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई.
  • मामले को लेकर उन्होंने उत्तर रेलवे GM, DRM अंबाला और स्टेशन अधीक्षक को पार्टी बनाते हुए उपभोक्ता फोरम में रेलवे को चुनौती दे डाली.
  • 5 साल के संघर्ष के बाद रेलवे को मुंह की खानी पड़ी और उपभोक्ता फोरम ने रेलवे के खिलाफ फैसला सुनाते हुए यात्री को ब्याज सहित टिकट के पैसे लौटाने का आदेश दिया.
  • रेलवे को 10 हज़ार बतौर मानसिक क्षति और तीन हजार वाद-व्यय देने का आदेश भी दिया गया है.
  •                                                                                                                                                                                                        पक्ष में फैसला आने पर प्रोफेसर और उनके वकील ने कहा कि अगर आप अपनी जगह सही हैं तो न्याय पाने में कहीं कोई समस्या नहीं आती.