खतरे के निशान से ऊपर यमुना, नहर किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट जारी

0
363
views

हरियाणा के यमुनानगर में यमुना नदी एक बार फिर से खतरे के निशान से ऊपर चली गई है. देर रात हथिनीकुंड से 1 लाख 74 हजार क्‍यूसिक पानी छोड़ा गया है. इससे कई इलाकों के प्रभावित होने की आशंका है.  प्रशासन की ओर से नहर किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट जारी कर दिया गया है. अगले 72 घंटे में यह पानी दिल्‍ली पहुंच जाएगा.

इससे पहले सोमवार सुबह हथिनीकुंड बैराज से तकरीबन 1 लाख 44 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था. जिसके बाद दिल्ली के निचले इलाकों में यमुना का जलस्‍तर बढ़ने की आशंका जताई गई थी. एक बार फिर पानी छोड़ने से इसका प्रभाव बढ़ने की आशंका है. यमुना से सटे इलाकों में फिर से अलर्ट जारी कर दिया गया है. वहीं, दिल्ली में भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है.

मौसम विभाग के मुताबिक पहाड़ों में अगले 24 घंटे तक तेज बारिश के आसार है. इसके चलते आने वाले दिनों में हथनीकुंड बैराज का जलस्तर और बढ़ सकता है. हरियाणा सिंचाई विभाग ने यमुनानगर में हाई अलर्ट जारी कर दिया है. हथनीकुंड बैराज के सभी 18 गेट खोल दिए गए हैं. हथनी कुंड बैराज से 72 घंटे में दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है. बता दें कि इससे पहले 28 जुलाई को यमुना का जलस्तर 6 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया था. इससे यमुना से लगते आसपास के गांवों में पानी भर गया था.

सिंचाई विभाग का कहना है कि यमुनोत्री में हो रही भारी बारिश के कारण यमुना का जलस्तर बढ़ा है. इस वजह से सिंचाई विभाग के सभी अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा हुआ है. जहां-जहां तटबंध कमजोर है, वहां-वहां निगरानी रखी जा रही है. बोट, नाव और जरुरी सामान का प्रबंध पहले से कर लिया गया है. पानी के प्रैशर को देखते हुए बैराज से निकलने वाली हरियाणा और यूपी की नहरों को बंद कर दिया गया है. नहरें बंद होने से 64.4 मेगावाट क्षमता के पनबिजली इकाइयों में बिजली उत्पादन बंद हो गया है.

बैराज पर दर्ज है 8 लाख क्यूसेक पानी का रिकॉर्ड

  • 3 सितम्बर 1978 को यमुना नदी में 7.9 लाख क्यूसेक पानी पहुंचने से बाढ़ आ गई थी.
  • 13 सितम्बर 2010 में नदी में 7.7 लाख क्यूसेक पानी आया.
  • 16 जून 2013 को सबसे अधिक 8 लाख 6 हजार 464 क्यूसेक का रिकॉर्ड भी हथनीकुंड बैराज पर दर्ज है. 8 लाख क्यूसेक पानी के सैलाब के बाद ही बैराज पर पानी नापने के लिए पैमाना बढ़ा कर 10 लाख क्यूसेक किया गया है.
  • बैराज की जल बहाव क्षमता 9 लाख 95 हजार क्यूसेक की है.
बता दें कि हथनीकुंड बैराज में एक बार फिर जलस्‍तर काफी बढ़ गया है. जिसके चलते पानी को छोड़ा गया है. वहीं यमुना की सहायक नहरों में पानी की सप्‍लाई भी रोकी गई है. कुछ दिन पहले ही भारी बारिश से बढ़े जलस्‍तर के बाद भी पानी छोड़ा गया था. इससे दिल्‍ली के कई इलाकों में जलस्‍तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया था और यमुना के लोहे वाले पुल पर ट्रैफिक रोक दिया गया था.