अलवर: गौरक्षकों या लुटेरा गैंग… किसने की उमर खान की हत्या ?

अलवर में कथित गौरक्षकों द्वारा मुस्लिम युवकों के साथ मारपीट और एक युवक की मौत का मामला उलझ गया है। पुलिस जहां मुस्लिम युवकों को गौतस्कर और मारपीट करने वालों को लुटेरी गैंग बता रही है, वहीं मृतक युवक के परिजनों का आरोप है कि घटना करने वाले खुद को गौरक्षक बता रहे थे और युवक गौतस्कर भी नहीं था।

इस मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को पकड़ा हैं और उसकी निशानदेही पर छह अन्य लोगों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। उधर इस मामले में राजस्थान के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया का विवादित बयान भी सामने आया है। उनका कहना है कि वे हर शहर में हर वारदात नहीं रोक सकते। मामले की जांच चल रही है और जब तक जांच पूरी न हो कुछ नहीं कहा जा सकता।

इस मामले में 10 नवंबर को अलवर के रामगढ़ थाना क्षेत्र में अलवर-मथुरा रेलवे ट्रैक पर मिले शव की शिनाख्त भरतपुर जिले के घाटमीका निवासी 40 साल के उमर खान के रूप में हुई थी। उमर के परिजन ने आरोप लगाया कि उमर उसके दो साथी ताहिर और जावेद गाएं लेकर भरतपुर जा रहे थे। तभी अलवर के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र में 7-8 लोगों ने पिकअप रुकवा ली और बंदूक व धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमलावर खुद को गौरक्षक बता रहे थे और उन्होंने ही गोली मारकर उमर की हत्या कर दी जबकि ताहिर खां को घायल कर दिया, जिसका हरियाणा के प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है। तीसरा साथी जावेद अभी लापता है।

उधर इस मामले में अलवर पुलिस का कहना है कि ये पूरा मामला ही गौतस्करी से जुड़ा हुआ लग रहा है। हमले में घायल ताहिर एक वांटेड गौतस्कर है। उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस का दावा है कि इस मामले के आरोपी एक लुटेरे गैंग से जुड़े हैं जो गौरक्षकों के नाम पर लूट और नकबजनी की वारदातें करते हैं। इनमें से एक युवक कल्लू उर्फ कल्या को हिरासत में ले लिया गया है और अन्य की तलाश जारी है।

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