Coronavirus: सीएम केजरीवाल का ऐलान, दिल्ली के प्राइवेट-सरकारी अस्पतालों में होगा सिर्फ दिल्लीवालों का इलाज

0
142
views

दिल्ली सरकार ने कोरोना वायरस के कारण पैदा हुए हालातों का आंकलन करने के लिए गठित की गई पांच सदस्यीय कमेटी के उस सुझाव को मान लिया है, जिसमें कोविड-19 संकट के मद्देनजर दिल्ली के स्वास्थ्य ढांचे का इस्तेमाल केवल राष्ट्रीय राजधानी के निवासियों के उपचार के लिए करने को कहा गया था. दिल्ली सरकार ने कैबिनेट की बैठक में इस सुझाव को लागू करने का फैसला लिया और बैठक के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसका ऐलान किया.

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के अस्पतालों में सिर्फ दिल्ली वालों का ही इलाज होगा. ये फैसला डॉ. महेश वर्मा की अध्यक्षता वाली कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली स्थित केंद्र सरकार के अस्पतालों में सभी का इलाज पहले की तरह ही होता रहेगा. दिल्ली सरकार का यह फैसला सिर्फ यहां के प्राइवेट और दिल्ली सरकार के अस्पतालों पर लागू होगा. हालांकि, इसमें भी कुछ अस्पतालों को विषेश छूट दी गई है.

सीएम केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के कुछ प्राइवेट अस्पताल ऐसे हैं, जो स्पेशल किस्म की सर्जरी करते हैं, जो सर्जरी बाकि देशभर में नहीं होती हैं और लोगों को अपनी जान बचाने के लिए दिल्ली आना पड़ता है. जैसे- ऑन्कोलॉजी सर्जरी, ट्रांसप्लांटेशन है, न्यूरो सर्जरी है. इस तरह की कुछ सर्जरी, जो चंद अस्पताल करते हैं. इस तरह की सर्जरी के लिए ऐसे अस्पताल पूरे देश के लोगों के लिए खुले हैं. देशभर से कोई भी ये सर्जरी यहां आकर करा सकता है.

केजरीवाल सरकार ने यह फैसला तब लिया है जब दिल्ली सरकार द्वारा गठित पांच सदस्यीय कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि दिल्ली को कुछ दिन बाद 15 हजार बेड की ज़रूरत पड़ेगी और जिस रफ्तार से कोरोना वायरस बढ़ रहा है, उसे देखते हुए 15 जुलाई तक 42 हजार बेड की ज़रूरत पड़ सकती है. कमेटी ने सुझाव दिया था कि कोविड-19 संकट के मद्देनजर दिल्ली के स्वास्थ्य ढांचे का इस्तेमाल केवल राष्ट्रीय राजधानी के निवासियों के उपचार के लिए ही किया जाए. रिपोर्ट में कहा गया था कि अगर दिल्ली का स्वास्थ्य ढांचा बाहर के लोगों के लिए खुला रहा तो महज तीन दिन में सारे बेड भर जाएंगे.