हरियाणा: वित्तीय संकट पर सभी दल एकजुट, विधायकों के वेतन में एक साल तक 30 फीसदी कटौती

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हरियाणा के विधायकों ने सांसदों की तर्ज पर एक वर्ष के लिए अपने मासिक वेतन में 30 प्रतिशत की कटौती करने और पूर्व विधायकों ने अपनी पेंशन में से एक महीने की पेंशन का अंशदान देने की स्वीकृति दी है. सर्वदलीय बैठक में सभी दलों के नेताओं के बीच सहमति बनी जिसके बाद ये फैसला लिया गया. कोरोना की वजह से हुए लॉकडाउन के चलते राज्य में भारी आर्थिक संकट पैदा हो गई है.

अप्रैल माह तक करीब नौ हजार करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है. मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में कोरोना रिलीफ फंड में आर्थिक सहयोग दिए जाने के मुद्दे पर चर्चा हुई. बैठक में कांग्रेस की ओर से पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा, जेजेपी की ओर से डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला और प्रदेश अध्यक्ष सरदार निशान सिंह, बीजेपी की ओर से प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला, गृह मंत्री अनिल विज, आईएनएलडी की ओर से अभय सिंह चौटाला और निर्दलीय विधायकों की ओर से जेल मंत्री रणजीत सिंह चौटाला और हलोपा की ओर से विधायक गोपाल कांडा शामिल हुए.

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने जानकारी दी कि सभी मंत्रियों, राज्यपाल, स्पीकर, डिप्टी स्पीकर और गवर्नर के स्वैच्छिक कोटे से 51 करोड़ रुपये की राहत राशि प्रदान करने का निर्णय लिया जा चुका है. बीजेपी पहले ही एक करोड़ रुपये की राशि दे चुकी है, जबकि जननायक जनता पार्टी ने 51 लाख रुपये की राशि राहत कोष में दी थी. मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव दिया कि राजनीतिक दल और भी आर्थिक सहयोग करें. साथ ही विधायकों के वेतन की 30 फीसदी राशि एक साल तक के लिए काटी जाए, साथ ही पूर्व विधायकों की पेंशन राशि में भी कटौती की जाए.