हैदराबाद गैंगरेप: आरोपियों की हैवानियत जान रूह कांप जाएगी आपकी

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तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में एक सरकारी डॉक्‍टर के साथ गैंगरेप, हत्‍या और जला देने के दिल दहला देने वाले मामले में बड़ा खुलासा हुआ है.

पुलिस जांच में पता चला है कि इस जघन्य वारदात के एक आरोपी मोहम्‍मद आरिफ ने हैवानियत के दौरान पीड़‍िता का मुंह दबा रखा था ताकि उनकी चीखों को कोई सुन न सके. वह तड़पती रहीं और दरिंदे उनके साथ हैवानियत करते रहे.

माना जा रहा है कि सांस नहीं ले पाने के कारण हैदराबाद की इस ‘निर्भया’ की मौत हो गई.  इस बीच पुलिस ने कहा है कि आरोपियों ने ही साजिश के तहत स्‍कूटी से हवा न‍िकाल दी थी ताकि वे महिला डॉक्‍टर को अपने जाल में फंसाकर वारदात को अंजाम दे सकें.

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि गैंगरेप के दौरान महिला डॉक्‍टर ने मदद के लिए गुहार लगाना शुरू कर दिया. आरोपियों को लगा कि वे पकड़े जा सकते हैं. इसी बीच मोहम्‍मद आरिफ ने महिला पशु डॉक्‍टर का मुंह बंद कर दिया ताकि उनकी आवाज बाहर न आ सके. माना जा रहा है कि इसी दौरान सांस नहीं ले पाने के कारण महिला डॉक्‍टर की दम घुटने से मौत हो गई.

तेलंगाना पुलिस ने महिला डॉक्‍टर के साथ गैंगरेप, हत्‍या और जला देने के 4 आरोपियों को अरेस्‍ट कर लिया है. गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान मोहम्मद आरिफ, नवीन, चिंताकुंता केशावुलु और शिवा के रूप में हुई है.

पुलिस ने बताया कि हैवानियत की यह घटना बुधवार रात 9.35 से 10 बजे के बीच की है. पुलिस ने बताया कि गैंगरेप के बाद आरोपी डॉक्‍टर के शव को एक ट्रक पर लादकर हाइवे पर कुछ आगे बढ़े और एक पेट्रोल पंप से पेट्रोल और डीजल खरीदा.

उन्‍होंने बताया कि सुनसान जगह पाकर आरोपियों ने डॉक्‍टर के शव को फेंक दिया और पेट्रोल छिड़कर उसमें आग लगा दी. हैदराबाद पुलिस ने बताया कि लोगों से पूछताछ और सीसीटीवी की मदद से आरोपियों को अरेस्‍ट किया गया.

साइबराबाद के पुलिस कमिश्‍नर वीसी सज्‍जनर ने बताया कि पूरी साजिश के तहत इस घटना को अंजाम दिया गया, जिसमें चारों आरोपी शामिल थे. सज्‍जनर ने बताया कि बुधवार की शाम को चारों आरोपियों ने देखा कि एक महिला टोल प्‍लाजा के पास स्‍कूटी खड़ी कर रही है.

पीड़‍िता की मां ने कहा, ‘मेरी बेटी मासूम थी. मैं चाहती हूं कि दोषियों को सबके सामने जिंदा जलाकर मारने की सजा दी जाए.’ उन्‍होंने कहा कि घटना के बाद मेरी छोटी बेटी जब पुलिस के पास शिकायत लेकर गई तो उसे दूसरे थाने भेज दिया गया.

पुलिस को पहले कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन उन्‍होंने यह कहकर पल्‍ला झाड़ दिया कि यह मामला उनके क्षेत्र में नहीं आता है.