यमुनानगर के ईशान को राष्ट्रपति ‘बाल शक्ति पुरुस्कार’ से करेंगे सम्मानित

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यमुनानगर के नौंवी कक्षा के छात्र को बहादुरी का सम्मान मिलने जा रहा है. छात्र ईशान को दिल्ली में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद बाल शक्ति पुरुस्कार सम्मानित करेंगें.

  • दरअसल ईशान ने एक रशियन महिला के साथ हुई लूटपाट के बाद मदद कि थी.
  • इस बहादुरी के लिए ईशान को जिला स्तर और राज्य स्तर पर भी सम्मनित किया जा चुका है अब राष्ट्रपति बाल शक्ति पुरुस्कार देंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस छात्र से मुलाकात करेंगे.
  • ईशान को 22 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह से पहले राष्ट्रपति सम्मानित करेंगें.
  • धोखाधड़ी का शिकार हुई रशियन युवती तितवा एलन की मदद करने वाले 15 वर्षीय ईशान शर्मा को बाल शक्ति पुरस्कार से नवाजा जाएगा.
  • उन्हें 26 जनवरी को लालकिले पर होने वाली परेड में शामिल होने का निमंत्रण मिला है.
  • इससे पहले 22 जनवरी को राष्ट्रपति पुरस्कार देकर सम्मानित करेंगे
  • उन्हें 19 से 26 जनवरी तक राष्ट्रपति भवन में ही रहने का भी निमंत्रण मिला है.
  • पुरुस्कार के लिए नामित होने से ईशान बेहद खुश है, उनके पिता संजीव शर्मा व मां रेणूका बेटे की इस उपलब्धि पर खुद को गौरवांवित महसूस कर रहे हैं.

क्या था पूरा मामला?

  • दरअसल, पंचकूला के रत्तेवाला निवासी दीपक से शादी करने के लिए 18 जुलाई को रूस के मास्को निवासी तितवा एलन भारत आ गई थी.
  • दीपक से उसकी फेसबुक पर दोस्ती हुई थी. दीपक ने उसे वेलवेस्टा पंचकूला होटल और जिरकपुर के शगुन होटल में रखा.
  • 24 जुलाई को वह उसे सावनपुरी जगाधरी लेकर आया और यहां पर उससे 14606 डॉलर और मोबाइल लेकर फरार हो गया.
  • परेशान तितवा को ईशान ने देखा तो वह उसे अपने घर लेकर आया.
  • गूगल ट्रांसलेटर की मदद से उसकी भाषा समझी और बात की.
  • इसके बाद पुलिस को बताया गया. रात को ही पुलिस ईशान के घर पहुंची और रशियन युवती की शिकायत पर केस दर्ज किया.
  • इस दौरान कई दिन तक रशियन युवती यहां रही. हर रोज ईशान व उसका परिवार उससे मिलने जाता था.

15 अगस्त को भी मिल चुका ईशान को सम्मान
ईशान को इस बहादुरी के लिए 15 अगस्त को भी सम्मानित किया गया था. साथ ही राज्य स्तरीय पुरस्कार भी मिला.  इसके बाद उन्होंने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की साइट पर बाल शक्ति पुरस्कार के 28 सितंबर 2019 को आवेदन किया. इसमें DC, SP, जज व घटना की FIR सहित अन्य दस्तावेज सबमिट करने थे. ईशान के पिता संजीव शर्मा ने बताया कि हरियाणा से केवल उनके बेटे का ही इस पुरस्कार के लिए चयन हुआ है. यह उनके लिए खुशी का पल है। इससे अन्य बच्चे भी दूसरों की मदद के लिए प्रेरित होंगे.

पिता की डिस्पेंसरी, मां है सरकारी शिक्षिका
ईशान के पिता संजीव शर्मा की शुगर मिल में डिस्पेंसरी हैं, मां रेणूका लेदी के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विज्ञान की शिक्षिका है. उनके दादा नाथीराम शर्मा राजकीय विद्यालय जगाधरी से प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं. वह भी बेस्ट लेक्चरर के स्टेट अवार्ड से सम्मानित हो चुके हैं. ईशान ने कहा कि मुझे बहुत ही गर्व महसूस हो रहा है. मैंने मुसीबत के समय रशियन महिला की मदद की थी. मैं चाहता हूं कि सबको ऐसे ही मदद के लिए आगे आना चाहिए.