रक्षाबंधन पर पूरे दिन रहेगा श्रवण नक्षत्र, 29 वर्ष बाद बन रहा है ये विशेष योग

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3 अगस्त को मनाये जाने वाले रक्षाबंधन के दिन श्रावण मास का अंतिम सोमवार भी है. श्रावण मास के अंतिम सोमवार में भगवान शिव की विशेष पूजा की जाएगी. पंचांग के अनुसार इस दिन पूर्णिमा की तिथि है जो रात्रि 9 बजकर 28 मिनट तक रहेगी. रक्षाबंधन के दिन चंद्रमा मकर राशि में रहेंगे और इस दिन प्रात: 7 बजकर 19 मिनट तक उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रहेगा. इसके बाद श्रवण नक्षत्र आरंभ होगा जो 4 अगस्त प्रात: 8 बजकर 11 मिनट तक रहेगा.

Rakshabandhan On August 15 After Nineteen Years - रक्षा ...

पूरे दिन रहेगा श्रवण नक्षत्र
रक्षाबंधन के दिन श्रवण नक्षत्र पूरे दिन रहेगा. यह एक शुभ नक्षत्र है. श्रावण मास में श्रवण नक्षत्र रक्षाबंधन का पर्व का पड़ना इस पर्व की शुभता में वृद्धि करता है. इसलिए इस दिन रक्षाबंधन का महत्व बढ़ जाता है.

श्रावण पूर्णिमा की तिथि
रक्षाबंधन के दिन पंचांग के अनुसार पूर्णिमा की तिथि है. श्रावण मास में पड़ने के कारण इस तिथि को श्रावण पूर्णिमा कहा जाता है. इस दिन सत्यनारायण की कथा सुनना बहुत ही शुभ माना गया है. इस दिन व्रत भी रखा जाता है. जिसे श्रावण पूर्णिमा व्रत कहा जाता है.

शुक्र और बुध का राशि परिवर्तन
रक्षाबंधन से पूर्व यानि 1 अगस्त को शुक्र का राशि परिवर्तन होने जा रहा है वहीं 2 अगस्त को बुध का राशि परिवर्तन हो रहा है. इन दोनों ग्रहों का रक्षाबंधन के पर्व से पूर्व परिवर्तन कई मामलों में शुभ फलदायी माना जा रहा है

29 वर्ष बाद बन रहा है विशेष योग
रक्षाबंधन के पर्व पर सर्वार्थ सिद्धि और दीर्घायु आयुष्मान का विशेष शुभ योग का निर्माण हो रहा है. जो रक्षाबंधन पर 29 साल बाद बन रहा है. इस बार रक्षाबंधन का पर्व श्रावण मास में पड़ रहा है वो भी सावन के अंतिम सोमवार को, जो भगवान शिव का दिन है.