पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिद्धू का बयान, केंद्र से कम वैक्सीन मिलने से प्रदेश में टीकाकरण प्रभावित

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कोरोना की तीसरी संभावित लहर की दस्तक से पहले पंजाब में प्रत्येक नागरिक के टीकाकरण को यकीनी बनाने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन भारत सरकार की तरफ से पंजाब में कोविड-19 टीकों की कम सप्लाई के कारण टीकाकरण मुहिम काफी प्रभावित हुई है। यह बात गुरुवार को पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कही।

स्वास्थ्य मंत्री ने केंद्र सरकार से कहा कि वह पंजाब को कम से कम 2 लाख टीके प्रतिदिन की आपूर्ति करना सुनिश्चित करे, ताकि कोरोना की तीसरी लहर की दस्तक से पहले निश्चित लक्ष्य प्राप्त किया जा सके। कोविड टीके की असंतुलित आपूर्ति ने बड़े स्तर पर टीकाकरण की रफ्तार को धीमा कर दिया है, जबकि पंजाब के पास प्रतिदिन तीन लाख लोगों को टीका लगाने की क्षमता वाला बुनियादी ढांचा मौजूद है।

टीकाकरण के आंकड़ों से पता चला है कि भाजपा शासित राज्यों जैसे मध्यप्रदेश, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में टीकाकरण मुहिम की रफ्तार कई गुना बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि 20 जून से पहले मध्यप्रदेश में औसतन प्रतिदिन 1.75 लाख टीकाकरण था और 21 जून को यह संख्या आश्चर्यजनक ढंग से बढ़कर 17 लाख हो गई। यह केंद्र द्वारा राज्यों को वैक्सीन के आवंटन में किए जा रहे पक्षपात को उजागर करता है।

सिद्धू ने कहा कि मध्य प्रदेश प्रतिदिन 1,70,000 खुराक प्राप्त कर रहा है जबकि पंजाब को 1 से 24 जून तक सिर्फ 16 लाख खुराकें प्राप्त हुईं। राज्यों में मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर चिंता का विषय है और टीकों का समान आवंटन लोगों की कीमती जान बचाने के लिए दुनिया की सबसे बड़ी टीकाकरण मुहिम की सफलता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

सिद्धू ने बताया कि मई में पंजाब को टीकों की सिर्फ 17 लाख खुराकें ही प्राप्त हुई थीं जो बहुत कम संख्या है जबकि भारत सरकार द्वारा जून में 21 लाख खुराक देने का भरोसा दिया गया था। लेकिन अब तक केंद्र सरकार ने सिर्फ 16 लाख खुराकें ही मुहैया करवाई हैं, जो दिखाता है कि टीकों की सीमित सप्लाई पंजाब में टीकाकरण मुहिम को बड़े स्तर पर प्रभावित कर रही है।