क्‍यों मनाया जाता है नवरात्रि का पर्व, जानिए इसके पीछे के इतिहास और महत्व के बारे में…

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Navratri 2021

देशभर में नवरात्रि का पर्व साल में दो बार मनाया जाता है। पहली नवरात्रि चैत्र कृष्‍ण प्रतिपदा से आरंभ होकर नवमी तक मनाई जाती है। वहीं, दूसरी नवरात्रि शारदीय पितृ पक्ष के समापन के बाद आश्विन मास में शुक्‍ल पक्ष की प्रतिपदा से आरंभ होकर नवमी तक मनाई जाती है।

दोनों नवरात्रि में भक्त पूरे श्रद्धा भाव से मां दुर्गा की उपासना करते है और नौ व्रत करते हैं। हालांकि आज भी कुछ लोग ऐसे है जो नवरात्र के इतिहास और उसके महत्व से अनजान हैं। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे है नवरात्र से जुड़े कुछ धार्मिक तथ्य, इतिहास और महत्व के बारे में। तो आइए जानते है…

आपको बता दें कि शारदीय नवरात्रि का धार्मिक के साथ-साथ वैज्ञानिक महत्‍व भी है। ऐसा माना जाता है कि जिस मौसम में शारदीय नवरात्र का आरंभ होता है उस मौसम में हल्‍की सर्दी पड़ने लग जाती है और बदलता मौसम लोगों के जीवन को प्रभावित न करे इस‍के लिए नियम और संयम का पालन करते हुए 9 दिन का उपवास रखने का विधान पौराणिक काल से चला आ रहा है।

Navratri 2021

वहीं, नवरात्रि शक्ति की आराधना करते हुए मानिसक और शारीरिक संतुलन प्राप्‍त करने का भी पर्व है। जी हां, नवरात्रि के व्रत रखकर उपासक मौसम के बदलाव को सहने के लिए खुद को मजबूत बनाता है। नवरात्रि के व्रत का आरंभ कैसे हुआ इसके पीछे कई पौराणिक मान्‍यताएं चली आ रही हैं।

पहली यह कि रामजी के हाथों रावण का वध हो, इस उद्देश्य से नारद ने श्रीराम से इस व्रत का अनुष्ठान करने का अनुरोध किया था। इस व्रत को पूर्ण करने के पश्चात रामजी ने लंका पर आक्रमण कर अंत में रावण का वध किया। तब से इस व्रत को कार्यसिद्धि के लिए किया जाता रहा है।

दूसरा यह है कि भगवती देवी ने महिषासुर नामक असुर के साथ नौ दिन अर्थात प्रतिपदा से नवमी तक युद्ध कर, नवमी की रात्रि को उसका वध किया। उस समय से देवी को ‘महिषासुरमर्दिनी’ के नाम से जाना जाता है। तब से मां दुर्गा की शक्ति को समर्पित नवरात्रि का व्रत किया जाता है।

नवरात्रि का अध्यात्मिक महत्‍व

जग में जब-जब तामसी, आसुरी एवं क्रूर लोग प्रबल होकर, सात्विक, उदारात्मक एवं धर्मनिष्ठ सज्जनों को छलते हैं, तब देवी धर्मसंस्थापना हेतु पुनः अवतार धारण करती हैं। उनके निमित्त यह व्रत किया जाता है। वहीं, नवरात्रि में मां दुर्गा की कृपा अन्य दिनों की तुलना में 1000 गुना अधिक बढ़ जाती है।